Monday, 25 May 2026

नौतपा क्या होता है? जरूरी बचाव क्या है

नौतपा क्या होता है?

“नौतपा” (नव + तपा) यानी लगातार 9 दिनों तक पड़ने वाली तेज गर्मी।

Source : AI Generated Image

जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है तब यह अवधि शुरू होती है। भारतीय ज्योतिष और पारंपरिक मान्यताओं में इसे वर्ष का सबसे गर्म समय माना जाता है।

मान्यता है कि इन दिनों सूर्य की किरणें पृथ्वी पर अधिक तीव्र प्रभाव डालती हैं, जिससे तापमान काफी बढ़ जाता है।

 2026 में नौतपा कब शुरू होगा?

सामान्य पंचांग गणना के अनुसार 2026 में नौतपा लगभग:

25 मई 2026 से शुरू और 2 जून 2026 तक

(स्थान और पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर संभव है)

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से नौतपा

आयुर्वेद में ग्रीष्म ऋतु को “पित्त बढ़ाने वाली ऋतु” माना गया है।

इस समय शरीर में:

  • पित्त दोष बढ़ता है
  • शरीर में जल की कमी होने लगती है
  • कमजोरी और थकावट बढ़ सकती है
  • शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है

आयुर्वेद कहता है कि अधिक गर्मी शरीर के रस धातु को सुखाने लगती है, जिससे डिहाइड्रेशन, चक्कर, जलन और कमजोरी हो सकती है।

आधुनिक विज्ञान के अनुसार इस समय:

  • Heat Stroke का खतरा बढ़ जाता है
  • शरीर तेजी से पानी खोता है
  • Blood Pressure प्रभावित हो सकता है
  • Dehydration और fatigue बढ़ सकते हैं
  • Skin rashes और acidity की समस्या हो सकती है
  • अधिक तापमान में शरीर का cooling system कमजोर पड़ने लगता है।

नौतपा में क्या खाना चाहिए? (Ayurvedic Diet)

Source: AI Generated image for Illustration

शीतल और हल्का भोजन लें

  •  खीरा
  • तरबूज
  • खरबूजा
  • नारियल पानी
  • बेल का शरबत
  • सौंफ पानी
  • छाछ
  • जौ का पानी
  • मूंग दाल
  • घी की थोड़ी मात्रा
आयुर्वेदिक लाभकारी चीजें
  • धनिया पानी
  • गुलकंद
  • मिश्री
  • आंवला
  •  एलोवेरा रस (सीमित मात्रा में)

नौतपा में क्या Avoid करें?

  • ज्यादा मसालेदार भोजन
  • तला हुआ खाना
  • बहुत ज्यादा चाय-कॉफी
  • शराब और धूम्रपान
  • खाली पेट धूप में निकलना
  • बहुत ठंडा फ्रिज का पानी

⚠️ नौतपा में जरूरी सावधानियाँ

  • धूप से बचाव
  • दोपहर 12 से 4 बजे तक कम बाहर निकलें
  • सिर ढककर निकलें
  • सूती कपड़े पहनें
  • Hydration बनाए रखे
  • बार-बार पानी पिएँ
  • ORS या नींबू पानी लें
  • पर्याप्त आराम करें
  • ज्यादा मेहनत और व्यायाम से बचे
  • पूरी नींद लें

आयुर्वेदिक दिनचर्या

  • चंदन या गुलाब जल का प्रयोग
  • ठंडे पानी से आंखें धोना
  • पैरों के तलवों में थोड़ा घी लगाना

लू (Heat Stroke) के लक्षण

अगर ये लक्षण दिखें तो तुरंत सावधानी लें:

  • तेज सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • उल्टी
  • अत्यधिक प्यास
  •  शरीर बहुत गर्म लगना
  • बेहोशी

आयुर्वेदिक संदर्भ (References)

  1. चरक संहिता -  ग्रीष्म ऋतुचर्या एवं पित्त प्रकोप वर्णन
  2. अष्टांग हृदयम् - ऋतु अनुसार आहार-विहार
  3. भावप्रकाश निघंटु - शीतल द्रव्यों के गुण एवं उपयोग
  4. ऋग्वेद - आहार विहार 

नौतपा सिर्फ गर्मी नहीं, बल्कि शरीर की सहनशक्ति की परीक्षा भी है। अगर इस समय सही आहार, पर्याप्त जल और आयुर्वेदिक दिनचर्या अपनाई जाए तो शरीर को स्वस्थ और संतुलित रखा जा सकता है। 

Note: This post includes AI‑generated images for illustration

No comments:

Post a Comment